COVID दिल्ली:- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि कोविड-19 की उत्पत्ति अभी भी अस्पष्ट है लेकिन जलवायु परिवर्तन नए वायरल खतरों को बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन वायरल उत्परिवर्तन को प्रभावित कर रहा है, जिससे मानव संक्रमण और महामारी की संभावना बढ़ जाती है स्वामीनाथन ने हाइडराबाद में एक व्याख्यान में कहा कि जलवायु परिवर्तन और कोविड-19 में एक महत्वपूर्ण समानता है: वे सीमाओं का सम्मान नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि सहयोग एकजुटता और वैज्ञानिक ज्ञान के साझाकरण से ही हम इन वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
स्वामीनाथन ने चेतावनी दी कि जैव विविधता का नुकसान बड़े पैमाने पर अज्ञात रूप से जारी है जिससे पारिस्थितिक तंत्र और मानव स्वास्थ्य के लिए अप्रत्याशित परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान सीमा पहले ही टूट चुकी है और सदी के अंत तक दुनिया को 2.5-3 डिग्री सेल्सियस ऊपर जाने का खतरा है स्वामीनाथन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और अनुकूलन करने के लिए समन्वित सार्वजनिक नीति परिवर्तन और मजबूत कार्यान्वयन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चीन और लंदन जैसे शहरों ने नवीकरणीय ऊर्जा में परिवर्तन, सार्वजनिक परिवहन में सुधार और ऊर्जा-कुशल इमारतों को बढ़ावा देकर वायु प्रदूषण को कम किया है।