ईरान :- ईरान के कई शहरों में हाल ही में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। लोगों का गुस्सा बढ़ती महंगाई और आर्थिक अस्थिरता के कारण फूट रहा है। महिलाएं युवा और बुजुर्ग सभी सड़कों पर उतर आए हैं और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से व्यक्त कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी मूल रूप से सरकार की आर्थिक नीतियों और बढ़ती बेरोजगारी से असंतुष्ट हैं।
सरकार ने विरोध को काबू में करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं जिससे बाहर की दुनिया को वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है। सुरक्षा बलों को प्रमुख शहरों में तैनात किया गया है और सड़कों पर पैट्रोल बढ़ा दिया गया है। विरोध प्रदर्शन में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं।
आर्थिक असंतुलन के कारण रोजमर्रा की चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पेट्रोल, गैस और भोजन की कीमतों में वृद्धि ने आम लोगों की जीवनशैली को कठिन बना दिया है। युवा वर्ग का मानना है कि सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी गंभीर कमी महसूस की जा रही है।
इस बीच सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना तेजी से फैल रही है। कई लोग अपने अनुभव और सरकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। प्रदर्शन शांतिपूर्ण हैं लेकिन कभी-कभी हिंसा की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। प्रशासन का प्रयास है कि स्थिति पर नियंत्रण रखा जाए और हिंसा को रोका जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने तत्काल प्रभावी कदम नहीं उठाए तो विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं। राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक सुधार ही देश में शांति और विकास की कुंजी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है और ईरान में हो रही घटनाओं की गहरी चिंता जताई जा रही है।