Opposition : “पार्टी कार्यालय पर छापे जैसा”: आई-पीएसी पर ईडी की कार्रवाई से विपक्ष में बेचैनी

Opposition दिल्ली:- विपक्षी दलों ने चुनाव प्रबंधन कंपनी आई-पीएसी के कार्यालयों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को “पार्टी कार्यालय पर छापे जैसा” बताया है, जिससे पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की चुनावी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। ईडी ने कोलकाता और दिल्ली में आई-पीएसी के 10 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कंपनी के निदेशक प्रतीक जैन के आवास भी शामिल हैं टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, “यह लोकतंत्र की हत्या है। ईडी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ने आई-पीएसी के कार्यालय से पार्टी के महत्वपूर्ण दस्तावेज और डेटा जब्त किए हैं।

विपक्षी दलों ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने कहा, “ईडी ने आई-पीएसी पर छापेमारी कर यह साबित कर दिया है कि वह राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है” आई-पीएसी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, “यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई है। हम इसका सामना करेंगे और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे”।

ईडी ने कहा कि छापेमारी एक कोली स्मगलिंग मामले से जुड़ी है, जिसमें आई-पीएसी की भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसी ने कहा कि उसने आई-पीएसी के कार्यालयों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डेटा जब्त किए हैं इस बीच टीएमसी ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ कोलकाता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि ईडी की कार्रवाई गैरकानूनी और राजनीतिक बदले की भावना से की गई है।

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