COP30 शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका और पीएम मोदी की अनुपस्थिति

ब्राजील के बेलेम शहर में होने वाले COP30 शिखर सम्मेलन में इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल नहीं होंगे। भारत की ओर से वहां भारतीय राजदूत प्रतिनिधित्व करेंगे। बाद में पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव जलवायु सम्मेलन के दूसरे सप्ताह में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह आयोजन 10 से 21 नवंबर तक चलेगा और इसमें दुनिया भर के 140 से अधिक प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे।

यह शिखर सम्मेलन पेरिस समझौते के दस वर्ष पूरे होने का प्रतीक माना जा रहा है। इसमें वन संरक्षण नवीकरणीय ऊर्जा खाद्य सुरक्षा जलवायु वित्त और अनुकूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। भारत का रुख इस बार भी स्पष्ट रहेगा कि विकसित देश अपने पुराने वादों को निभाएं तथा विकासशील देशों के लिए फंडिंग को बढ़ाया जाए ताकि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

भूपेंद्र यादव ने पहले कहा था कि COP30 को अनुकूलन का COP कहा जाना चाहिए और केवल संवाद तक सीमित न रहकर वास्तविक कार्यान्वयन पर ध्यान देना चाहिए। भारत का मानना है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग आवश्यक है।

ब्राजील इस शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रॉपिकल फॉरेस्ट फॉरेवर फैसिलिटी की शुरुआत करेगा जिसका उद्देश्य वन संरक्षण के लिए अगले दशक में 125 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाना है। यह पहल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी।

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