खांसी की दवा पर सरकार की सख्त कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

नई दिल्ली :- हरियाणा सरकार ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए खांसी की एक और दवा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। जांच में इस दवा में एथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा तय मानक से कहीं अधिक पाई गई है। यह रसायन बेहद जहरीला माना जाता है और इसका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से इस दवा की खरीद बिक्री और वितरण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं।

 

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नियमित जांच के दौरान इस खांसी की दवा के सैंपल लिए गए थे। प्रयोगशाला रिपोर्ट में सामने आया कि दवा में मौजूद एथिलीन ग्लाइकोल बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इससे किडनी फेल होने सांस लेने में दिक्कत और गंभीर मामलों में मौत तक की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए सरकार ने कोई जोखिम न लेते हुए कड़ा कदम उठाया।

 

प्रशासन ने सभी मेडिकल स्टोर और दवा विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत इस दवा को अपनी दुकानों से हटाएं। साथ ही जिनके पास इसका स्टॉक मौजूद है उन्हें इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंपने को कहा गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा नहीं देनी चाहिए। खांसी या सर्दी जैसे सामान्य लक्षणों में भी सही दवा और सही मात्रा बेहद जरूरी होती है। जहरीले रसायनों से बनी दवाएं बच्चों के नाजुक शरीर पर गहरा असर डाल सकती हैं।

 

सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को दी जा रही दवाओं पर विशेष ध्यान दें। अगर हाल ही में यह दवा दी गई हो और बच्चे में उल्टी कमजोरी या कोई असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

यह मामला दवा कंपनियों की गुणवत्ता जांच पर भी सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में दवाओं की निगरानी और सख्त की जाएगी ताकि लोगों की जान के साथ कोई खिलवाड़ न हो। सरकार का साफ कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *