Russian Oil नई दिल्ली:- भारत के लिए रूस से तेल आयात कम करना फिलहाल कोई बड़ा वित्तीय झटका नहीं होगा क्योंकि वैश्विक तेल की कीमतें कम हैं और रूस से मिलने वाली छूट भी कम हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत रूस से तेल आयात कम करता है तो उसे अमेरिकी तेल की ओर जाना पड़ सकता है लेकिन इसकी कीमत अधिक होगी।
भारत ने नवंबर 2025 में रूस से लगभग 16.1 डॉलर प्रति टन की छूट पर तेल खरीदा, जबकि अमेरिकी तेल की कीमत 24.6 डॉलर प्रति टन अधिक थी। लेकिन अब रूस से मिलने वाली छूट कम हो गई है, और वैश्विक तेल की कीमतें भी कम हैं जो लगभग 60 डॉलर प्रति बैरल हैं विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के लिए रूस से तेल आयात कम करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है क्योंकि इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और वैश्विक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। लेकिन इसके लिए भारत को अमेरिकी तेल की ओर जाना पड़ सकता है जो अधिक महंगा होगा।