नई दिल्ली :- दिल्ली एनसीआर इन दिनों ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार झेल रहा है। कड़ाके की सर्दी के बीच जहरीली हवा ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंच गया है जो बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है। धीमी हवा और मौसम की स्थिरता के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। ठंडी हवाओं के साथ घना कोहरा और स्मॉग लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रहा है। सुबह और देर रात के समय दृश्यता काफी कम हो रही है जिससे सड़क और हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
प्रदूषण के कारण सांस की बीमारी आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें बढ़ गई हैं। डॉक्टरों ने बच्चों बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले में सुबह की सैर और भारी शारीरिक गतिविधियों से बचने को कहा गया है। मास्क का इस्तेमाल और घर के अंदर रहने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक मौसम में खास सुधार की संभावना कम है। हवा की गति धीमी रहने के कारण प्रदूषण स्तर ऊंचा बना रह सकता है। हालांकि हल्की हवा या पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशासन ने भी लोगों से सहयोग की अपील की है। अनावश्यक रूप से वाहन न चलाने निर्माण कार्यों में नियमों का पालन करने और कूड़ा जलाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों और कार्यालयों में भी एहतियाती कदमों पर विचार किया जा रहा है।दिल्ली एनसीआर के लोगों के लिए यह समय बेहद सतर्क रहने का है। ठंड और प्रदूषण दोनों से बचाव के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा उपाय है। आने वाले दिनों में मौसम की चाल पर सबकी नजर बनी हुई है।