Turkiye issues इस्तांबुल: गाजा में इजरायल के सैन्य अभियान को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तुर्किये ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार के 36 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ ‘नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों’ के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।
इस्तांबुल के मुख्य लोक अभियोजक कार्यालय द्वारा यह वारंट जारी किया गया है। जिन 37 संदिग्धों के खिलाफ वारंट जारी हुआ है उनमें नेतन्याहू के अलावा, रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर और सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर जैसे प्रमुख अधिकारी शामिल हैं।
अभियोजक कार्यालय ने अपने बयान में गाजा पट्टी में ‘व्यवस्थित नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों’ को अंजाम देने के लिए इजरायली अधिकारियों को आपराधिक रूप से जिम्मेदार ठहराया है। बयान में गाजा में हुए कई विशिष्ट और गंभीर घटनाओं का हवाला दिया गया है। इनमें 17 अक्टूबर 2023 को अल-अहली बैपटिस्ट अस्पताल पर हुए हमले का जिक्र है जिसमें 500 लोगों की जान चली गई थी साथ ही मार्च में इजरायली बमबारी से तुर्किये द्वारा निर्मित ‘तुर्की-फिलिस्तीनी मैत्री अस्पताल’ के नष्ट होने का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा गाजा की नाकाबंदी और मानवीय सहायता को बाधित करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन गाजा युद्ध को लेकर इजरायल के सबसे मुखर आलोचकों में से रहे हैं। उन्होंने बार-बार नेतन्याहू पर गाजा में नरसंहार करने का आरोप लगाया है। तुर्किये ने पिछले साल अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में इजरायल के खिलाफ नरसंहार के आरोपों को लेकर दक्षिण अफ्रीका द्वारा दायर मामले का भी समर्थन किया था। इस्तांबुल अदालत ने यह वारंट जारी करते हुए माना कि संदिग्ध वर्तमान में तुर्किये के बाहर हैं इसलिए उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।
इजरायल ने खारिज किया वारंट
तुर्किये के इस कदम पर इजरायल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इजरायल ने इस गिरफ्तारी वारंट को एक ‘पीआर स्टंट’ करार देते हुए इसे दृढ़ता से खारिज कर दिया है। इजरायली विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि इजरायल, तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन के इस नवीनतम राजनीतिक हथकंडे को सिरे से नकारता है। यह गिरफ्तारी वारंट नवंबर 2024 में अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) द्वारा नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ युद्ध अपराधों के आरोपों में जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट के बाद आया है जिसे इजरायल और अमेरिका मान्यता नहीं देते हैं। तुर्किये का यह कदम वैश्विक मंच पर इजरायल पर दबाव को और बढ़ाता है भले ही इसका तत्काल कोई कानूनी प्रभाव न हो।