श्रीनगर (जम्मू कश्मीर):- जम्मू‑काश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास जंगलों में भीषण आग लग गई। यह आग सोमवार को बालाकोट सेक्टर के पास शुरू हुई थी और तेजी से फैलकर मेंढर और आसपास के अग्रिम इलाकों तक पहुंच गई।
💥 बारूदी सुरंगें क्यों फटीं?
एलओसी के पास रणनीतिक सुरक्षा के लिए लैंडमाइंस/बारूदी सुरंगें (Anti‑infiltration obstacle system) बिछाई जाती हैं ताकि घुसपैठ को रोका जा सके। यह इलाके घने जंगलों से ढके हैं। अब लागती आग जब इन सुरंगों तक पहुंची, तो उनमें रखे विस्फोटक गर्म होकर लगातार धमाके के साथ फटने लगे। करीब एक दर्जन से भी ज्यादा लैंडमाइंस इस आग के कारण फट चुके हैं।
😮💨 किस तरह फैल गई आग?
इस इलाके में काफी सूखा मौसम और वनस्पति होने के कारण आग तेजी से आगे बढ़ी। LoC के नज़दीक ऐसे इलाके हैं जहां सुरक्षा बलों ने हर जगह रखे लैंडमाइंस और इलेक्ट्रॉनिक डिटेक्शन सिस्टम लगाए हुए हैं। 🔥 इन धधकते जंगलों के बीच ये सुरंगें गर्म होकर विस्फोट कर रही हैं, जिससे कई ब्लास्ट की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
🚫 किसी ने हमला किया?
इस घटना को दूसरी ओर से कोई हमला कहना सही नहीं है। यह स्वाभाविक कारणों — जंगल की आग की चपेट में आने से होने वाला विस्फोट है न कि युद्ध‑स्तर का संघर्ष। फिलहाल किसी बड़ी साज़िश या शत्रु द्वारा ब्लास्ट करवाने की खबर नहीं है।
🚁 सेना की प्रतिक्रिया
भारतीय सुरक्षा बलों ने आग बुझाने और LoC पर फैलती स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए चौकसी और पैंतरे तेज कर दिए हैं। साथ ही निगरानी और पैट्रोलिंग को और सख्त कर रखा गया है ताकि सीमा पार से किसी भी कोशिश की समय रहते जानकारी मिल सके।
👉 तो मूल में यह घटना बारूदी सुरंगों में आग के कारण होने वाले अनियंत्रित विस्फोटों का परिणाम है, न कि दो देशों के बीच सक्रिय युद्धबंदूक हमला।