नई दिल्ली :- एक नाटकीय और संवेदनशील घटनाक्रम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत में प्रस्तावित मुकाबलों को लेकर नया विवाद सामने आया है। पाकिस्तान में जन्मे कई अमेरिकी क्रिकेटरों को भारत आने का वीजा नहीं मिल पाया है। इस फैसले से यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका की टीम की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है और टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार अमेरिकी टीम में शामिल कुछ खिलाड़ी पाकिस्तान मूल के हैं जो लंबे समय से अमेरिका में रह रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों को भारत में होने वाले मैचों के लिए वीजा नहीं दिया गया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है कि क्या भू राजनीतिक तनाव अब खेल पर हावी हो रहा है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अमेरिका की टीम की रणनीति और संयोजन प्रभावित होगा। जिन खिलाड़ियों को वीजा नहीं मिला वे टीम के अनुभवी सदस्य माने जाते हैं। ऐसे में टीम संतुलन बिगड़ने की आशंका है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर किसी टीम को पूरी ताकत के साथ खेलने का मौका नहीं मिलता तो टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धात्मकता कैसे बनी रहेगी।
इस पूरे मामले पर आईसीसी की भूमिका भी चर्चा में है। माना जा रहा है कि आईसीसी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समाधान निकालने के लिए संबंधित बोर्ड से बातचीत कर सकती है। हालांकि अब तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से भी इस मुद्दे पर चुप्पी बनी हुई है।
खेल प्रेमियों के बीच भी इस फैसले को लेकर मिली जुली प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोग इसे सुरक्षा से जुड़ा मामला बता रहे हैं जबकि कई इसे खेल भावना के खिलाफ मान रहे हैं। उनका कहना है कि क्रिकेट को राजनीति से दूर रखना चाहिए।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 पहले ही अपने आयोजन और मेजबानी को लेकर खास महत्व रखता है। ऐसे में यह विवाद टूर्नामेंट की छवि को प्रभावित कर सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस मुद्दे पर क्या समाधान निकलता है और क्या सभी टीमें समान अवसर के साथ मैदान में उतर पाएंगी।