Makar Sankranti 2026 :- मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष धार्मिक दृष्टि से खास महत्व रखता है। आज मकर संक्रांति का पूजन विधि विधान के साथ किया जा रहा है जबकि खिचड़ी दान का शुभ मुहूर्त कल निर्धारित किया गया है। पंचांग के अनुसार इस बार मकर संक्रांति के साथ एकादशी तिथि का संयोग बन रहा है जिस कारण दान के नियमों में बदलाव किया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति पर सूर्य देव की आराधना और दान पुण्य का विशेष महत्व होता है। इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं जिससे शुभता का संचार होता है। आमतौर पर मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान करने की परंपरा है लेकिन इस बार एकादशी तिथि होने के कारण चावल का सेवन और दान निषिद्ध माना गया है। यही कारण है कि विद्वानों और धर्माचार्यों ने खिचड़ी दान को एक दिन आगे खिसकाने की सलाह दी है।
आज के दिन श्रद्धालु स्नान दान और सूर्य पूजन करेंगे। गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। इसके साथ तिल गुड़ घी और गर्म वस्तुओं का दान भी किया जाएगा। कल खिचड़ी दान का शुभ मुहूर्त रहेगा जिसमें बिना चावल वाली खिचड़ी या वैकल्पिक अनाज से बनी खिचड़ी दान करने की भी परंपरा अपनाई जा सकती है।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि एकादशी पर चावल निषिद्ध होने का नियम शास्त्रों में वर्णित है। इस नियम का पालन करने से व्रत और पर्व का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इसी कारण श्रद्धालुओं को दान के नियमों में बदलाव करने की सलाह दी गई है ताकि धार्मिक मर्यादा बनी रहे।
मकर संक्रांति का पर्व सामाजिक समरसता और दान की भावना को भी मजबूत करता है। इस अवसर पर गरीबों जरूरतमंदों और साधुओं को भोजन वस्त्र और धन का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। बदले हुए नियमों के बावजूद श्रद्धा और आस्था के साथ किया गया पूजन और दान भक्तों के लिए कल्याणकारी माना गया है।