Ground Rules नई दिल्ली: मणिपुर में जारी अशांति के बीच सुरक्षा बलों और गृह मंत्रालय के सूत्रों ने मैतेई और कुकी-ज़ो (Kuki-Zo) विद्रोही समूहों को ‘ग्राउंड रूल्स’ (ज़मीनी नियमों) का उल्लंघन न करने की कड़ी चेतावनी दी है। यह चेतावनी विशेष रूप से उन समूहों के लिए जारी की गई है जो ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस’ (SoO) समझौते के तहत हैं या सरकार के साथ शांति वार्ता की प्रक्रिया में शामिल हैं।
जबरन वसूली और नियम उल्लंघन पर चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने पाया है कि हाल के महीनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में विद्रोही समूहों द्वारा जबरन वसूली (Extortion) और आम नागरिकों से अवैध वसूली की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है। राजमार्गों पर ट्रकों से पैसे वसूलने और स्थानीय व्यापारियों को धमकाने की शिकायतों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शांति समझौते का मतलब कानून तोड़ने की छूट कतई नहीं है।
सुरक्षा बलों का कड़ा रुख
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक यदि विद्रोही समूह अपने निर्दिष्ट कैंपों से बाहर निकलते हैं या हथियारों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर देखे जाते हैं तो इसे समझौते का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।
निगरानी: कैंपों की ड्रोन और फिजिकल वेरिफिकेशन के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
कार्रवाई: चेतावनी दी गई है कि नियम तोड़ने वाले समूहों के खिलाफ न केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी बल्कि उनके खिलाफ सैन्य अभियान भी फिर से शुरू किए जा सकते हैं।
शांति बहाली की कोशिशें
सरकार का मानना है कि इस तरह की गतिविधियाँ मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों में बाधा डाल रही हैं। आम जनता पहले से ही हिंसा की मार झेल रही है, और विद्रोही समूहों द्वारा आर्थिक शोषण उनकी समस्याओं को और गंभीर बना रहा है। शासन ने इन समूहों को निर्देश दिया है कि वे अपने कैडरों को नियंत्रित करें और शांति प्रक्रिया को पटरी से उतरने से बचाएं।