चंडीगढ़ (पंजाब):- चंडीगढ़ के रायपुर कलां इलाके में गोशाला के पास बड़ी संख्या में गायों के शव मिलने से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि ये शव पिछले तीन दिनों से वहीं पड़े थे और उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक पशु प्रेमी संस्था ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गोशाला के पास ही पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए एनिमल कराकस इंसीनरेटर प्लांट स्थापित है। यही प्लांट मृत पशुओं के निस्तारण के लिए उपयोग में लाया जाता है लेकिन यह कई दिनों से खराब पड़ा हुआ है। इसी वजह से मृत गायों का समय पर संस्कार नहीं हो सका और शव खुले में पड़े रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण आसपास रहना मुश्किल हो गया था।
मामला सामने आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन हरकत में आया। प्रशासक ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मृत गायों के पोस्टमार्टम के आदेश दिए हैं। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि गायों की मौत किन कारणों से हुई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं लापरवाही या किसी तरह की क्रूरता तो इसके पीछे जिम्मेदार नहीं है।
पशु अधिकार संगठनों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि गोशालाओं में रखे जाने वाले पशुओं की देखरेख प्रशासन और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। समय पर इलाज और मृत्यु के बाद सम्मानजनक अंतिम संस्कार न होना अमानवीय है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इंसीनरेटर प्लांट को जल्द ठीक कराया जाएगा और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी। इसके साथ ही गोशालाओं की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह घटना केवल मृत गायों का मामला नहीं है बल्कि यह पशु कल्याण व्यवस्था की पोल खोलती है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।