नई दिल्ली :- दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। राजधानी की हवा लगातार बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है। गुरुवार को औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 343 दर्ज किया गया जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर चेतावनी मानी जाती है। कई इलाकों में हालात इससे भी ज्यादा खराब रहे जहां सांस लेना तक मुश्किल हो गया।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदूषण से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। हवा की गति बेहद कम रहने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही जमे रहेंगे। इसी वजह से स्मॉग की चादर दिल्ली के ऊपर बनी हुई है। सुबह और रात के समय स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है।
पूसा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 386 AQI रिकॉर्ड किया गया जो बेहद चिंताजनक है। राजधानी के 34 मॉनिटरिंग स्टेशन बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। इससे साफ है कि प्रदूषण केवल कुछ इलाकों तक सीमित नहीं बल्कि पूरी दिल्ली इसकी चपेट में है। सड़कों पर धुंध साफ दिखाई दे रही है और दृश्यता भी प्रभावित हो रही है।
प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पतालों में सांस की समस्या आंखों में जलन और गले में खराश के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बाहर निकलते समय मास्क पहनने और अनावश्यक गतिविधियों से बचने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए कुछ प्रतिबंध लागू किए गए हैं लेकिन मौजूदा हालात में उनका असर सीमित नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मौसम में बदलाव नहीं होता तब तक प्रदूषण से राहत मिलना मुश्किल है।
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। फिलहाल राजधानी के लोगों को आने वाले दिनों में भी जहरीली हवा में ही सांस लेनी पड़ सकती है।