सोनभद्र (उत्तर प्रदेश):- सोनभद्र जिले के बीजपुर क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहा है। इस केंद्र पर न तो कोई योग्य रेडियोलॉजिस्ट मौजूद है और न ही प्रशिक्षित तकनीशियन। इसके बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों की जांच की जा रही है जिससे लोगों की जान गंभीर खतरे में पड़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अल्ट्रासाउंड की जांच पूरी तरह नर्सिंग स्टाफ के भरोसे की जा रही है। मशीन से निकलने वाली स्क्रीन को मोबाइल फोन से वीडियो कॉल के जरिए किसी दूर बैठे अज्ञात डॉक्टर को दिखाया जाता है। उसी वीडियो कॉल के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर मरीजों को सौंप दी जाती है। यह प्रक्रिया न केवल अवैध है बल्कि किसी भी गंभीर रोगी के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
चिकित्सा नियमों के अनुसार अल्ट्रासाउंड जांच केवल पंजीकृत और योग्य डॉक्टर की निगरानी में ही हो सकती है। लेकिन यहां नियमों की खुली अनदेखी की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे अवैध कारोबारियों के हौसले और मजबूत हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस केंद्र पर केवल गलत तरीके से जांच ही नहीं की जा रही बल्कि लिंग परीक्षण जैसे गंभीर अपराध भी चोरी छिपे किए जाने की आशंका है। कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि पैसों के लालच में गरीब और अनपढ़ मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। मरीज रिपोर्ट को सही मानकर इलाज शुरू कर देते हैं जो बाद में गंभीर परिणाम ला सकता है।
यह मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह अवैध व्यवस्था कई जिंदगियों को लील सकती है। जरूरत है कि प्रशासन तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे ताकि आम जनता का भरोसा स्वास्थ्य सेवाओं पर बना रह सके।