लंदन :- ब्रिटेन की राजधानी लंदन को दुनिया के सबसे सुरक्षित और सख्त कानून व्यवस्था वाले शहरों में गिना जाता है। लेकिन इसी शहर की चमक दमक के पीछे एक डरावनी सच्चाई भी छिपी है। यहां कुछ ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जिन्हें ग्रूमिंग गैंग कहा जाता है। ये गिरोह इंसानी भेष में भेड़ियों की तरह नाबालिग लड़कियों को अपना शिकार बनाते हैं। बाहर से सामान्य दिखने वाले ये लोग धीरे धीरे भरोसा जीतकर मासूम जिंदगियों को अंधेरे में धकेल देते हैं।
ग्रूमिंग गैंग का तरीका बेहद शातिर होता है। ये लोग पहले कमजोर और अकेली लड़कियों को निशाना बनाते हैं। स्कूल के बाहर शॉपिंग एरिया या सोशल मीडिया के जरिए संपर्क बनाया जाता है। शुरुआत में दोस्ती का नाटक किया जाता है। महंगे गिफ्ट घूमने का लालच और भावनात्मक सहारा देकर भरोसा जीता जाता है। जब पीड़िता पूरी तरह इनके जाल में फंस जाती है तब असली चेहरा सामने आता है।
इसके बाद लड़कियों का मानसिक और शारीरिक शोषण शुरू हो जाता है। कई मामलों में उन्हें धमकाया जाता है कि अगर किसी को बताया तो परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। कुछ पीड़िताओं को नशे की लत लगाई जाती है ताकि वे विरोध न कर सकें। धीरे धीरे उन्हें इस कदर तोड़ दिया जाता है कि वे खुद को दोषी मानने लगती हैं।
ब्रिटेन में इस समस्या को लेकर कई बार हंगामा हो चुका है। पुलिस और प्रशासन पर आरोप लगे हैं कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। नस्लवाद और सामाजिक दबाव के चलते कई मामलों को नजरअंदाज किया गया। बाद में जांच में सामने आया कि सैकड़ों लड़कियां सालों तक इन गिरोहों का शिकार बनती रहीं।
अब ब्रिटिश सरकार ने कानूनों को और सख्त किया है। पुलिस को विशेष अधिकार दिए गए हैं और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। माता पिता को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें।
लंदन की सड़कों पर घूमते ये भेड़िए यह याद दिलाते हैं कि खतरा हमेशा अंधेरी गलियों में ही नहीं होता। कभी कभी वह मुस्कुराते चेहरों के पीछे छिपा होता है। जागरूकता ही इस खतरे से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।