नई दिल्ली:- नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के बीच हुई अहम बैठक के दौरान भारत ने अपने रुख को पूरी मजबूती से सामने रखा। इस मुलाकात में विदेश मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत के पड़ोस में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली ताकतों का समर्थन किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पोलैंड से अपेक्षा जताई कि वह सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर जिम्मेदार और संतुलित दृष्टिकोण अपनाए।
बैठक के दौरान जयशंकर ने रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत पर लगाए जा रहे आरोपों पर भी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चुनिंदा और अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है जबकि भारत ने हमेशा शांति संवाद और कूटनीति का समर्थन किया है। विदेश मंत्री ने दो टूक कहा कि किसी भी देश की परिस्थितियों और सुरक्षा चिंताओं को समझे बिना टिप्पणी करना उचित नहीं है।
जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता है और इसी नीति के तहत वह अपने साझेदार देशों से भी अपेक्षा करता है कि वे आतंकवाद को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाएं। उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए आतंकवाद के हर रूप का विरोध जरूरी है।
पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने भारत के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। बातचीत में व्यापार रक्षा तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को और मजबूत करने की बात कही गई।
इस मुलाकात को भारत की सशक्त विदेश नीति का उदाहरण माना जा रहा है जहां भारत अपने हितों और सुरक्षा चिंताओं को बिना किसी दबाव के स्पष्ट रूप से रख रहा है। यह संदेश भी साफ है कि भारत आतंकवाद और दोहरे मानदंडों के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।