नई दिल्ली :- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि वर्तमान सरकार सत्ता का केंद्रीकरण कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्णय लेने की प्रक्रिया केवल कुछ उच्चस्तरीय नेताओं तक सीमित हो गई है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे न केवल राज्य और केंद्र के बीच संतुलन प्रभावित हो रहा है बल्कि आम जनता की आवाज भी दबाई जा रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि देश की मजबूत लोकतांत्रिक परंपरा में अलग-अलग संस्थाओं और लोकतांत्रिक निकायों का संतुलित होना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सत्ता का केंद्रीकरण इसी तरह जारी रहा तो इससे लोगों की भागीदारी और शासन की पारदर्शिता प्रभावित होगी। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे के रूप में बताया।
इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसे स्वतंत्र संस्थानों की भूमिका को भी रेखांकित किया। राहुल गांधी ने कहा कि स्वतंत्र संस्थाएं ही लोकतंत्र की रक्षा कर सकती हैं और सत्ता के केंद्रीकरण को रोक सकती हैं। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों और अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी करें।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी की यह टिप्पणी आगामी चुनावों और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर उठाए गए सवालों का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब सत्ता का नियंत्रण केवल एक केंद्र पर न रहे बल्कि विभिन्न संस्थाओं और नागरिकों तक फैला रहे।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है और बीजेपी तथा आरएसएस के दृष्टिकोण पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। राहुल गांधी का यह हमला सत्ता की केंद्रीकरण प्रक्रिया को लेकर एक चेतावनी स्वरूप माना जा रहा है।