बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बदलाव से क्रिकेट जगत में हलचल

नई दिल्ली :- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड एक बार फिर अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। खबरों के अनुसार बोर्ड ग्रेड ए प्लस कैटेगरी को समाप्त करने पर विचार कर रहा है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो इसका सीधा असर टीम इंडिया के सीनियर और दिग्गज खिलाड़ियों पर पड़ेगा। खास तौर पर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे नाम इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।

 

फिलहाल सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के तहत खिलाड़ियों को अलग अलग ग्रेड में रखा जाता है। ग्रेड ए प्लस में शामिल खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा सालाना राशि मिलती है। रोहित शर्मा और विराट कोहली लंबे समय से इस शीर्ष श्रेणी का हिस्सा रहे हैं। लेकिन नए मॉडल में ग्रेड ए प्लस को हटाकर सभी खिलाड़ियों को अन्य ग्रेड में शामिल करने की योजना है। इससे सीनियर खिलाड़ियों की कमाई में बड़ी कटौती हो सकती है।

 

बीसीसीआई का मानना है कि कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को अधिक संतुलित और प्रदर्शन आधारित बनाया जाना चाहिए। बोर्ड सूत्रों के अनुसार भविष्य में खिलाड़ियों को ग्रेड देने में केवल नाम और अनुभव नहीं बल्कि मौजूदा फॉर्म और उपलब्धता को भी अहम माना जाएगा। इससे युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

 

हालांकि इस फैसले को लेकर क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। कई पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का योगदान केवल मैदान तक सीमित नहीं है। उनका अनुभव टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करता है। ऐसे में उनकी सैलरी में कटौती करना सही संदेश नहीं देगा।

 

दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञ इसे क्रिकेट के बदलते दौर के हिसाब से जरूरी कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि बोर्ड को भविष्य की टीम तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए और सभी खिलाड़ियों को समान मापदंड पर परखा जाना चाहिए। प्रदर्शन ही सबसे बड़ा आधार होना चाहिए।

अब सभी की नजर बीसीसीआई की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है। अगर यह बदलाव लागू होता है तो यह भारतीय क्रिकेट के कॉन्ट्रैक्ट इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित होगा। इससे न केवल खिलाड़ियों की कमाई बल्कि टीम की संरचना और प्राथमिकताओं पर भी गहरा असर पड़ सकता है।

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