मुंबई (महाराष्ट्र):- भारत की सबसे बड़ी यूपीआई कंपनी फोनपे के शेयर बाजार में उतरने का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड सेबी ने फोनपे के आईपीओ को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद निवेशकों और स्टार्टअप जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। माना जा रहा है कि यह आईपीओ भारतीय फिनटेक सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।
फोनपे ने बीते कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। यूपीआई ट्रांजैक्शन के मामले में कंपनी लगातार शीर्ष पर बनी हुई है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक फोनपे का व्यापक उपयोग हो रहा है। सेबी की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक दे सकती है।
सूत्रों के अनुसार फोनपे का आईपीओ आकार काफी बड़ा हो सकता है। कंपनी इसके जरिए विस्तार नई तकनीक और इनोवेशन पर निवेश करने की योजना बना रही है। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग भुगतान सेवाओं के साथ साथ बीमा म्यूचुअल फंड और डिजिटल क्रेडिट जैसे क्षेत्रों में मजबूती लाने के लिए किया जा सकता है।
फोनपे की स्थापना के बाद से ही कंपनी ने तेजी से ग्रोथ दर्ज की है। यूपीआई के अलावा क्यूआर कोड भुगतान बिल पेमेंट और डिजिटल सेवाओं में इसकी पकड़ मजबूत हुई है। यही वजह है कि निवेशक लंबे समय से इसके आईपीओ का इंतजार कर रहे थे। सेबी की मंजूरी को बाजार में भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फोनपे का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार में फिनटेक कंपनियों के लिए नया रास्ता खोलेगा। इससे अन्य डिजिटल भुगतान और तकनीकी कंपनियों को भी पब्लिक लिस्टिंग के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही आम निवेशकों को तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम में हिस्सेदारी का मौका मिलेगा।
कुल मिलाकर फोनपे का शेयर बाजार में आना भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। अब सबकी नजरें आईपीओ की तारीख और कीमत पर टिकी हैं। अगर लिस्टिंग सफल रहती है तो यह भारतीय स्टार्टअप इतिहास में एक नई कहानी लिख सकती है।