नई दिल्ली :- दिल्ली‑एनसीआर के नोएडा सेक्टर‑150 में इंजीनियर युवराज मेहता की बेसमेंट के गहरे पानी में डूबने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने मुकदमे में नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी ग्रेटर नोएडा पुलिस ने नॉलेज पार्क थाना के तहत की है, जहां पहले पीड़ित के पिता की शिकायत पर दो बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत तब हुई थी जब उसकी कार रात के समय बेसमेंट के पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। यह गड्ढा निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के लिए खोदा गया था और उस पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध नहीं थे, जिससे उसने वाहन चालने के दौरान नियंत्रण खो दिया और गहरे पानी में डूब गया।
इस घटना ने प्रशासनिक और निर्माण सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर सख्त संज्ञान लिया और नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम को पद से हटा दिया गया। साथ ही, इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक तीन सदस्यीय विशेष जाँच टीम (SIT) का गठन भी किया गया है, जिसे कुछ ही दिनों में पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
प्रभावित परिवार और स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि अगर स्थल पर उचित चेतावनी संकेत और सुरक्षा बैरिकेडिंग रहती तो यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था। इसके अलावा टीमों की प्रतिक्रिया समय और संसाधनों पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
अब पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। अभय कुमार के गिरफ्तार होने से इस जांच में महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है, लेकिन समाज और प्रशासन दोनों से यह उम्मीद की जा रही है कि आगे ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।