Hate speech नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में हेट स्पीच के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अपील की है कि हेट स्पीच को सिर्फ पुलिसिंग का मुद्दा न मानकर इसे एक संवैधानिक अपराध माना जाए। उनका तर्क है कि हेट स्पीच का भेदभावपूर्ण स्वभाव संविधान के मूल्यों के खिलाफ है और इसे रोकने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने चाहिए।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि हेट स्पीच अक्सर हिंसा को बढ़ावा देता है और इसका असर समाज के कमजोर वर्गों पर पड़ता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह हेट स्पीच के खिलाफ एक मजबूत नीति बनाएं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने कहा है कि वह हेट स्पीच के मुद्दे पर गंभीर है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।