SC Hearing दिल्ली:- भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा है कि चुनावी रोल्स संशोधन प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों की सुनवाई कर रहा है।
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि एसआईआर प्रक्रिया में “लॉजिकल डिस्क्रेपेंसीज” पाए गए हैं, जो वैज्ञानिक रूप से असंभव हैं। आयोग ने कहा कि कुछ मतदाताओं के नामों में अनियमितताएं पाई गई हैं, जैसे कि एक व्यक्ति के 200 से अधिक बच्चे होना सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह “लॉजिकल डिस्क्रेपेंसीज” वाले मतदाताओं की सूची प्रकाशित करे और उन्हें अपनी आपत्तियां दर्ज करने का अवसर प्रदान करे। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि चुनाव आयोग को 10वीं कक्षा के प्रवेश पत्र को भी स्वीकार करना चाहिए