Hindu dharma नई दिल्ली:- आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि संगठन का रजिस्ट्रेशन नहीं होने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि हिंदू धर्म भी रजिस्टर्ड नहीं है। उन्होंने कहा कि आरएसएस को तीन बार प्रतिबंधित किया गया लेकिन हर बार अदालतों ने प्रतिबंध हटाया और संगठन को वैध माना।
भागवत ने बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में कहा, “हमारे खिलाफ कई बयान दिए जाते हैं, लेकिन हमें कानूनी तौर पर मान्यता प्राप्त है। हमने कभी भी असंवैधानिक तरीके से काम नहीं किया है।” उन्होंने कहा कि आरएसएस का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना और देश की सेवा करना है। भागवत ने कहा, “हमारा लक्ष्य हिंदू समाज को मजबूत बनाना है न कि किसी राजनीतिक दल को सत्ता में लाना।” उन्होंने कहा कि आरएसएस का काम हिंदू समाज को एकजुट करना और देश की सेवा करना है।
भागवत ने यह भी कहा कि आरएसएस को आयकर विभाग ने भी मान्यता दी है और संगठन को कर से छूट दी गई है। उन्होंने कहा, “हमारा काम समाज सेवा है, न कि राजनीतिक दल की तरह सत्ता हासिल करना।” आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संगठन का रजिस्ट्रेशन नहीं होने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि यह एक सामाजिक संगठन है न कि एक राजनीतिक दल। उन्होंने कहा कि आरएसएस का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना और देश की सेवा करना है।