वाशिंगटन (अमेरिका):- नाटो के महासचिव मार्क रूट ने यूरोप की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका के सहयोग के बिना यूरोप अपनी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता। यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं और रूस यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप की चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
मार्क रूट ने कहा कि यूरोप की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था काफी हद तक अमेरिका की सैन्य ताकत और परमाणु सुरक्षा पर निर्भर है। नाटो की सामूहिक सुरक्षा नीति में अमेरिका की भूमिका सबसे मजबूत स्तंभ के रूप में रही है। उन्होंने यह भी माना कि यदि भविष्य में यूरोप को अकेले अपनी रक्षा करनी पड़ी तो इसके लिए उसे भारी रक्षा बजट और अत्याधुनिक सैन्य क्षमताएं विकसित करनी होंगी।
नाटो प्रमुख के अनुसार केवल पारंपरिक हथियारों से काम नहीं चलेगा बल्कि यूरोप को परमाणु सुरक्षा क्षमता पर भी गंभीरता से विचार करना पड़ेगा। उन्होंने संकेत दिया कि यह रास्ता न केवल महंगा होगा बल्कि इसमें कई दशकों का समय भी लग सकता है। इसी कारण अमेरिका का समर्थन यूरोप के लिए फिलहाल अनिवार्य बना हुआ है।
मार्क रूट ने यूरोपीय देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कई देश अभी भी तय लक्ष्यों से कम खर्च कर रहे हैं। बदलते वैश्विक हालात में सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यूरोप को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए नाटो को और मजबूत बनाना होगा।
इस बयान के बाद यूरोपीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। कुछ देशों का मानना है कि यूरोप को रणनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहिए जबकि अन्य अभी भी अमेरिका को सबसे भरोसेमंद सुरक्षा साझेदार मानते हैं। कुल मिलाकर नाटो प्रमुख का यह बयान आने वाले समय में यूरोप की रक्षा नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।