Extreme Heat मुंबई:- वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि दुनिया अत्यधिक गर्मी के लिए तैयार नहीं है और इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। एक नए अध्ययन के अनुसार 2050 तक 3.79 अरब लोग अत्यधिक गर्मी का सामना कर सकते जो कि वैश्विक आबादी का लगभग 41% है।
इस अध्ययन में पाया गया है कि यदि वैश्विक तापमान 2°C से ऊपर बढ़ता है, तो भारत, नाइगेरिया, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, पाकिस्तान और फिलिपिन्स जैसे देशों में सबसे अधिक लोग प्रभावित होंगे। इन देशों में अत्यधिक गर्मी के कारण स्वास्थ्य समस्याएं, आर्थिक नुकसान और सामाजिक असंतुलन बढ़ सकता है वैज्ञानिकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के प्रभावों को कम करने के लिए हमें तुरंत कार्रवाई करनी होगी। इसमें ऊर्जा की मांग को कम करने, वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने और अत्यधिक गर्मी के लिए तैयार रहने के लिए अनुकूलन उपायों को लागू करना शामिल है।
अत्यधिक गर्मी के प्रभाव
अत्यधिक गर्मी के कारण कई समस्याएं हो सकती हैं जिनमें शामिल हैं:
– स्वास्थ्य समस्याएं: अत्यधिक गर्मी के कारण हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
– आर्थिक नुकसान: अत्यधिक गर्मी के कारण कृषि उत्पादन में कमी, ऊर्जा की मांग में वृद्धि और आर्थिक नुकसान हो सकता है।
– सामाजिक असंतुलन: अत्यधिक गर्मी के कारण सामाजिक असंतुलन बढ़ सकता है खासकर गरीब और असहाय लोगों के लिए।
क्या हम तैयार हैं?
वैज्ञानिकों का कहना है कि हमें अत्यधिक गर्मी के लिए तैयार रहने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी होगी। इसमें ऊर्जा की मांग को कम करने, वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने और अत्यधिक गर्मी के लिए तैयार रहने के लिए अनुकूलन उपायों को लागू करना शामिल है।