मातृभूमि की अमर संतान पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर कोटि कोटि नमन। उन्होंने मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया। निर्भीक विचार दृढ़ संकल्प और अदम्य साहस उनके व्यक्तित्व की पहचान थे। अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना और राष्ट्र स्वाभिमान के लिए संघर्ष करना उनके जीवन का मूल मंत्र रहा।
लाला लाजपत राय का बलिदानी जीवन यह सिखाता है कि देश से बड़ा कुछ भी नहीं होता। विदेशी शासन के अत्याचारों के सामने झुकने के बजाय उन्होंने संघर्ष का मार्ग चुना और अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनका त्याग केवल इतिहास का अध्याय नहीं बल्कि हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
आज भी उनके विचार युवाओं में देशभक्ति की चेतना जगाते हैं और समाज को न्याय समानता और स्वाभिमान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे महान सपूत को स्मरण करना ही नहीं बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारना सच्ची श्रद्धांजलि है। जय हिंद।