Economic Survey/ नई दिल्ली:- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया, जिसमें देश की आर्थिक स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। यह सर्वेक्षण 1 फरवरी को प्रस्तुत किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
इस आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की आर्थिक वृद्धि दर, मुद्रास्फीति, बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति, कृषि और अन्य प्रमुख क्षेत्रों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया है। साथ ही, इसमें निर्यात और सेवाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गई है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता की ओर बढ़ रही है, और सरकार की नीतियों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक आत्मविश्वासी और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हम लंबे समय से लंबित समस्याओं से बाहर निकल रहे हैं और लंबे समय के लिए समाधान की ओर बढ़ रहे हैं।” मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह भारतीय उत्पादकों के लिए नए अवसर खोलता है।
इस सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद एक सकारात्मक संकेत है। सर्वेक्षण में कृषि और सेवा क्षेत्रों को वृद्धि के प्रमुख चालक के रूप में पहचाना गया है। बजट 2026-27 के लिए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो एक रिकॉर्ड है। बजट में आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है।
आर्थिक सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु:
– जीडीपी वृद्धि: FY26 में 7.4% और FY27 में 6.8-7.2% रहने का अनुमान।
– कृषि क्षेत्र: मजबूत प्रदर्शन और MSP, DBT, फसल बीमा पर फोकस।
– टेलीकॉम सेक्टर: आयात प्रतिस्थापन के शुरुआती संकेत।
– बुनियादी ढांचा: भारी निवेश, GDP के 4% तक पहुंचा।
– वैश्विक अनिश्चितताएं: व्यापार युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद स्थिरता।
बजट 2026-27 की उम्मीदें:
– आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा।
– रोजगार सृजन।
– सामाजिक कल्याण के लिए घोषणाएं।