नई दिल्ली :- पूर्व अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली को यूएई में हिरासत में लिए जाने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस प्रकरण ने न केवल उनके परिवार बल्कि आम लोगों का भी ध्यान खींचा है। सेलिना जेटली ने अपने भाई की स्थिति को लेकर कानूनी रास्ता अपनाया है और दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि उनके भाई को विदेश में कानूनी सहायता और भारत सरकार के माध्यम से बातचीत की सुविधा मिलनी चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में प्रतिवादियों द्वारा दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट पर विचार करते हुए याचिकाकर्ता को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया है। अदालत का उद्देश्य है कि सभी नए तथ्य रिकॉर्ड पर आएं ताकि मामले की निष्पक्ष सुनवाई हो सके। अब इस याचिका पर अगली सुनवाई तीन फरवरी को निर्धारित की गई है।
सेलिना जेटली की याचिका अभी लंबित है। उन्होंने अदालत के समक्ष यह स्पष्ट किया है कि उनके भाई एक पूर्व सैन्य अधिकारी हैं और उनकी हिरासत से जुड़े तथ्यों की पारदर्शी जांच जरूरी है। उनका यह भी कहना है कि किसी भी भारतीय नागरिक को विदेश में कानूनी सहायता से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
यह मामला केवल एक परिवार की चिंता तक सीमित नहीं है बल्कि यह विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों के अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे मामलों में कूटनीतिक प्रयास और कानूनी सहयोग की भूमिका अहम हो जाती है। अदालत की आगामी सुनवाई से यह उम्मीद की जा रही है कि इस प्रकरण में स्थिति और स्पष्ट होगी और आगे की दिशा तय हो सकेगी।
अब सभी की नजरें तीन फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं जब यह तय होगा कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे और मेजर विक्रांत जेटली को किस प्रकार की राहत मिल सकती है।