वाशिंगटन (अमेरिका):- रूस और यूक्रेन के बीच जारी लंबे युद्ध के बीच एक सप्ताह के सीजफायर की खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अस्थायी युद्धविराम का खुलासा करते हुए कहा कि यह फैसला किसी दबाव में नहीं बल्कि एक खास मानवीय जरूरत को देखते हुए लिया गया। ट्रंप के अनुसार दोनों देशों ने सीमित समय के लिए हथियार रोकने पर सहमति जताई है ताकि हालात को संभाला जा सके।
ट्रंप ने बताया कि युद्ध के कारण लाखों आम नागरिक गंभीर संकट में फंस गए हैं। ठंड के मौसम में बिजली पानी और दवाइयों की कमी से हालात और खराब हो गए थे। ऐसे में एक सप्ताह का सीजफायर मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए बेहद जरूरी था। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों को प्रभावित इलाकों में काम करने का मौका मिलेगा और घायल लोगों को सुरक्षित इलाज मिल सकेगा।
ट्रंप का कहना है कि यह सीजफायर स्थायी शांति की गारंटी नहीं है लेकिन यह एक सकारात्मक संकेत जरूर है। उन्होंने दावा किया कि अगर सही राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई जाए तो इसी तरह के कदम आगे चलकर बड़े समझौते का रास्ता खोल सकते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत हमेशा युद्ध से बेहतर विकल्प होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीजफायर के पीछे कूटनीतिक दबाव के साथ साथ वैश्विक जनमत की भी बड़ी भूमिका है। यूरोप समेत कई देशों ने लगातार युद्ध रोकने की अपील की थी। आर्थिक नुकसान और मानवीय त्रासदी ने सभी पक्षों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
हालांकि यूक्रेन और रूस दोनों की ओर से यह साफ किया गया है कि सीजफायर की अवधि खत्म होने के बाद हालात पर फिर से समीक्षा की जाएगी। फिलहाल दुनिया की नजर इस एक सप्ताह पर टिकी है क्योंकि यही तय करेगा कि आगे शांति की उम्मीद बचेगी या संघर्ष फिर तेज होगा।