NCP Factions/मुंबई: अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं लेकिन पार्टी नेताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया जारी रहेगी। 8 फरवरी को विलय की घोषणा होने वाली थी, लेकिन अजित पवार की मौत के बाद यह योजना रुक गई है।
एनसीपी (एसपी) के नेता शशिकांत शिंदे ने कहा, “यह रणनीति का हिस्सा था, ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और जिला परिषद के नतीजों के बाद विलय की घोषणा की जा सके।” उन्होंने आगे बताया कि 8 फरवरी को विलय की घोषणा होने वाली थी लेकिन अजित पवार के निधन ने इस योजना को रुक दिया है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने कहा, “हाल के दिनों में हम (दोनों गुट) अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को मेरे आवास पर मिले थे ताकि साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके।” उन्होंने आगे कहा कि विलय की प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन अजित पवार के निधन ने बड़ा झटका लगा है।
एनसीपी के एक अन्य नेता ने कहा, “अजित पवार के निधन के बाद यह प्रक्रिया रुक गई है लेकिन हम जल्द ही इस पर फैसला लेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता इस पर चर्चा कर रहे हैं और जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।गौरतलब है कि एनसीपी के दोनों गुटों ने हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और अब वे जिला परिषद चुनावों में भी साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। अजित पवार के निधन के बाद यह प्रक्रिया रुक गई है लेकिन पार्टी नेताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया जारी रहेगी।