नई दिल्ली :- क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अचानक आई तेज गिरावट ने निवेशकों को हिला कर रख दिया है। बीते 24 घंटे में वैश्विक क्रिप्टो मार्केट से करीब सोलह लाख करोड़ रुपये की वैल्यू साफ हो गई। इस भारी बिकवाली का सबसे ज्यादा असर बाजार की दिग्गज डिजिटल करेंसी बिटकॉइन और इथेरियम पर देखने को मिला जिनकी कीमतों में छह प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
बिटकॉइन जो लंबे समय से स्थिरता दिखा रहा था अचानक दबाव में आ गया। कीमत गिरते ही निवेशकों में घबराहट फैल गई और तेजी से सेलिंग शुरू हो गई। वहीं इथेरियम भी इस गिरावट से बच नहीं सका और इसके साथ कई छोटे ऑल्टकॉइन भी लाल निशान में चले गए। बाजार में डर का माहौल साफ नजर आया।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ना बड़े निवेशकों की मुनाफावसूली और रेगुलेशन को लेकर चल रही आशंकाएं बाजार पर दबाव बना रही हैं। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती भी क्रिप्टो जैसे जोखिम भरे एसेट्स से निवेश निकालने की वजह बन रही है।
इस क्रैश ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जितना आकर्षक दिखता है उतना ही जोखिम भरा भी है। जानकारों की सलाह है कि बिना पूरी जानकारी और जोखिम समझे निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि बाजार यहां से संभलेगा या गिरावट का सिलसिला अभी जारी रहेगा।