लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की पहले आओ पहले पाओ और विशेष छूट वाली आवास योजना आम नागरिकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराना है ताकि हर व्यक्ति अपने खुद के घर का सपना पूरा कर सके। परिषद की यह पहल न केवल लोगों को राहत दे रही है बल्कि सरकारी राजस्व में भी उल्लेखनीय योगदान कर रही है।
परिषद से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग एक हजार करोड़ रुपये की आय हो चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि लोगों का भरोसा इस योजना पर लगातार बढ़ रहा है। खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है जिससे पारदर्शिता बनी रहे और बुकिंग में किसी तरह की असुविधा न हो।
तीन फरवरी दो हजार छब्बीस तक परिषद की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से कुल दो हजार एक सौ इकतालीस फ्लैट्स की बुकिंग पूरी हो चुकी है। यह संख्या दर्शाती है कि सीमित समय में भी योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। विभिन्न शहरों और आवासीय योजनाओं में उपलब्ध फ्लैट्स को लोगों ने अपनी जरूरत और बजट के अनुसार चुना है।
आवास परिषद के अधिकारियों का कहना है कि छूट और सरल शर्तों के कारण यह योजना खास तौर पर नौकरीपेशा लोगों युवाओं और छोटे परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है। कम कीमत पारदर्शी प्रक्रिया और भरोसेमंद सरकारी संस्था का साथ इस योजना की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल आवास समस्या को कम करती हैं बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता भी लाती हैं। आने वाले समय में अगर इसी तरह योजनाओं का विस्तार किया गया तो उत्तर प्रदेश में किफायती आवास का लक्ष्य और तेजी से पूरा हो सकता है। आम नागरिकों के लिए यह योजना वास्तव में अपने घर की ओर एक मजबूत कदम साबित हो रही है।