Medicines दिल्ली:- मेडिसिन्स सैन्स फ्रॉन्टियर्स (एमएसएफ), एक अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहायता संगठन ने यूरोपीय संघ (ईयू) को एक पत्र लिखकर ईयू-भारत एफटीए के बारे में चिंता व्यक्त की है। एमएसएफ का कहना है कि इस समझौते में कुछ प्रावधान हैं जो भारत और विकासशील देशों में दवाओं की पहुंच को खतरे में डाल सकते हैं।
एमएसएफ का कहना है कि ईयू-भारत एफटीए में कुछ प्रावधान हैं जो बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों को मजबूत करेंगे और रोगियों के लिए दवाओं की पहुंच को कम करेंगे। एमएसएफ ने ईयू से आग्रह किया है कि वे इन प्रावधानों को हटाने के लिए काम करें और यह सुनिश्चित करें कि समझौता दवाओं की पहुंच को खतरे में न डालें एमएसएफ का कहना है कि भारत ने विकासशील देशों में सस्ती दवाओं की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और यह समझौता इस भूमिका को खतरे में डाल सकता है। एमएसएफ ने ईयू से आग्रह किया है कि वे भारत की चिंताओं को सुनें और समझौते में बदलाव करें ।