मुंबई (महाराष्ट्र):- संगीत की दुनिया में सुरों की देवी कही जाने वाली लता मंगेशकर का जीवन जितना प्रेरणादायक रहा उतना ही संघर्षों से भरा भी रहा। बहुत कम लोग जानते हैं कि अपने करियर के शिखर पर पहुंचने से पहले उन्हें एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली घटना का सामना करना पड़ा था। यह घटना तब की है जब लता मंगेशकर मात्र तैंतीस वर्ष की थीं और लगातार हिट गीतों के कारण देश विदेश में लोकप्रिय हो चुकी थीं।
खुद लता मंगेशकर ने एक साक्षात्कार में इस घटना का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि एक समय वह अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गई थीं। तबीयत इतनी बिगड़ गई कि लंबे समय तक उनका इलाज चला और उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने में काफी वक्त लगा। बाद में डॉक्टरों और जांच के दौरान यह संदेह सामने आया कि उन्हें किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कराया गया था। यह बात सामने आने पर हर कोई हैरान रह गया।
लता जी के अनुसार उस समय उनके घर में काम करने वाला एक नौकर इस घटना के बाद अचानक गायब हो गया था। इसके बाद इस मामले ने और भी रहस्यमय रूप ले लिया। हालांकि उस दौर में मामले की गहराई से जांच नहीं हो पाई लेकिन यह अनुभव लता मंगेशकर के लिए मानसिक रूप से बेहद कठिन रहा। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और धीरे धीरे फिर से संगीत की दुनिया में वापसी की।
बीमारी के बाद जब लता जी की आवाज फिर से रिकॉर्डिंग स्टूडियो में गूंजी तो वह पहले से भी ज्यादा मजबूत नजर आईं। इस घटना ने उनके जीवन को तो प्रभावित किया लेकिन उनके जुनून और समर्पण को नहीं तोड़ सकी। उन्होंने आगे चलकर हजारों अमर गीत दिए और भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई।
यह किस्सा लता मंगेशकर के जीवन के उस पहलू को दिखाता है जहां संघर्ष चुपचाप आया और चला गया लेकिन सुरों की यह साधिका अपने लक्ष्य से कभी नहीं डिगी। उनकी कहानी आज भी करोड़ों लोगों के लिए साहस और प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।