Transplanted lives केरल:- केरल में अंगदान की प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है जिससे कई लोगों की जिंदगी बचाई जा रही है। राज्य में अंगदान के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ रही है और इसके परिणामस्वरूप कई सफल अंग प्रत्यारोपण हुए हैं केरल में अंगदान की शुरुआत 2013 में हुई थी जब टी.आर. मनु नामक एक व्यक्ति ने अपना हाथ दान किया था। तब से लेकर अब तक, राज्य में कई सफल अंग प्रत्यारोपण हुए हैं जिनमें से कुछ उल्लेखनीय हैं:
– दोहरे हाथ प्रत्यारोप: टी.आर. मनु को देश का पहला दोहरे हाथ प्रत्यारोपण प्राप्त हुआ था।
– लिवर प्रत्यारोपण: एक 17 वर्षीय लड़की ने अपने पिता को अपना लिवर दान किया था।
– हृदय प्रत्यारोपण: दो सफल हृदय प्रत्यारोपण हुए हैं जिनमें से एक में 18 वर्षीय लड़के का हृदय 13 वर्षीय लड़के को प्रत्यारोपित किया गया था
केरल सरकार ने अंगदान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं जिनमें से कुछ हैं:
– केरल स्टेट ऑर्गन एंड टिस्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (K-SOTTO): यह संगठन अंगदान और प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए काम करता है।
– अंगदान के लिए पंजीकरण: लोग ऑनलाइन या अस्पतालों में जाकर अंगदान के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
– जागरूकता अभियान: सरकार और विभिन्न संगठनों द्वारा अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
केरल में अंगदान की सफलता से यह साबित होता है कि अगर लोगों को सही जानकारी और समर्थन मिले तो वे अंगदान के लिए आगे आ सकते हैं और कई जिंदगियों को बचा सकते हैं।