नई दिल्ली :- एक अंधे कत्ल की जांच के दौरान पुलिस को ऐसा खुलासा मिला जिसने सभी को हैरान कर दिया। 42 वर्षीय व्यक्ति की हत्या के मामले में जब परतें खुलीं तो पता चला कि इस जघन्य वारदात के पीछे कोई पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि एक नाबालिग शामिल था। शुरुआत में मामला पूरी तरह रहस्यमय था और पुलिस के पास ठोस सुराग नहीं थे लेकिन तकनीकी जांच और लगातार पूछताछ ने कहानी का रुख बदल दिया।
पुलिस के मुताबिक मृतक और आरोपी के बीच पहले से जान पहचान थी। जांच में सामने आया कि दोनों के बीच निजी विवाद और आपसी तनाव चल रहा था। इसी तनाव ने धीरे धीरे हिंसक रूप ले लिया और अंततः हत्या जैसी वारदात हो गई। आरोपी की उम्र सामने आने के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया क्योंकि कानून के तहत नाबालिग से जुड़े मामलों में अलग प्रक्रिया अपनाई जाती है।
जांच अधिकारियों ने बताया कि इस केस को सुलझाने के लिए सीसीटीवी फुटेज कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आसपास के लोगों के बयानों की मदद ली गई। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए जिनके चलते पुलिस को मामले की पूरी कड़ी समझ में आई।
इस घटना ने समाज में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं खासकर किशोरों की मानसिक स्थिति और उनके आसपास के माहौल को लेकर। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में गलत संगत और नियंत्रण की कमी ऐसे मामलों को जन्म दे सकती है। साथ ही परिवार और समाज की भूमिका पर भी बहस तेज हो गई है।
फिलहाल पुलिस ने नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय अधिनियम के तहत संरक्षण में लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।