Restrictive Software दिल्ली:- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निर्वाचन आयोग (ईसी) द्वारा उपयोग किया जाने वाला सॉफ्टवेयर बहुत सीमित है और प्राकृतिक अंतरों को समझने में असक्षम है जिससे मतदाता सूची से नाम हटाने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में ईसी के सॉफ्टवेयर की आलोचना करते हुए कहा कि यह सॉफ्टवेयर नामों में छोटे अंतरों को भी पकड़ लेता है जैसे कि ‘कुमार’ जैसे मध्य नाम की अनुपस्थिति।
सुप्रीम कोर्ट ने ईसी से कहा कि वह मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए एक अधिक ल्याक्स सॉफ्टवेयर का उपयोग करे, जो प्राकृतिक अंतरों को समझ सके। सुप्रीम कोर्ट ने ईसी को मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ईसी को मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी चाहिए, जिसमें मतदाताओं को अपने नाम जोड़ने या हटाने के लिए आवेदन करने का अवसर मिले। सुप्रीम कोर्ट ने ईसी को निर्देश दिया है कि वह मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी करे।