मुंबई (महाराष्ट्र):- सर्राफा बाजार में एक बार फिर भारी उतार चढ़ाव देखने को मिला है। हाल ही में तेज उछाल के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों और डॉलर की मजबूती के बीच निवेशकों की रणनीति बदलने से कीमती धातुओं के दाम दबाव में आ गए हैं।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में वैश्विक स्तर पर सोने में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी थी जिससे कीमतों में तेजी आई। लेकिन जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली शुरू हुई और शेयर बाजार में सुधार के संकेत मिले वैसे ही सोने और चांदी में बिकवाली बढ़ गई। इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में हल्की बढ़त भी सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशक सोने जैसे गैर ब्याज देने वाले विकल्पों से दूरी बना सकते हैं। यही कारण है कि तेजी के बाद अब कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह उतार चढ़ाव फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों से जुड़ा है। आने वाले दिनों में महंगाई के आंकड़े और ब्याज दरों पर निर्णय बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने में फिर से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ सकती है।
खरीदारों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लंबी अवधि के निवेशक चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करें और अल्पकालिक उतार चढ़ाव से घबराने की बजाय बाजार के रुझान पर नजर रखें।
कुल मिलाकर कीमती धातुओं का बाजार इस समय संवेदनशील दौर से गुजर रहा है जहां हर वैश्विक खबर का सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है। आने वाले सत्रों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।