नई दिल्ली :- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए एक बार फिर On Screen Marking प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। यह एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है जिसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को पहले स्कैन किया जाता है और फिर परीक्षक शिक्षक उन्हें कंप्यूटर पर जांचते हैं।
On Screen Marking यानी OSM के तहत कॉपियों की स्कैन की गई इमेज सुरक्षित सर्वर पर अपलोड की जाती है। इसके बाद परीक्षक अपने लॉगिन आईडी के माध्यम से सिस्टम में प्रवेश कर उत्तरों का मूल्यांकन करते हैं। हर प्रश्न के अंक सॉफ्टवेयर में दर्ज किए जाते हैं और कुल अंक स्वतः ही सॉफ्टवेयर द्वारा जोड़ दिए जाते हैं। इससे जोड़ में गलती की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है।
इस प्रणाली के कई फायदे बताए जा रहे हैं। पहला पारदर्शिता बढ़ती है क्योंकि हर अंक डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होता है। दूसरा कॉपियों के खोने या बदलने का खतरा कम हो जाता है। तीसरा मूल्यांकन की गति तेज होती है जिससे परिणाम समय पर घोषित करने में मदद मिलती है।
CBSE का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन से मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी और छात्रों को अधिक सटीक परिणाम मिलेंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच भी आसानी से की जा सकती है क्योंकि पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है।
हालांकि शिक्षकों को इस प्रणाली के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे तकनीकी प्रक्रिया को सही ढंग से समझ सकें। बोर्ड का लक्ष्य है कि मूल्यांकन प्रक्रिया को आधुनिक और विश्वसनीय बनाया जाए।कुल मिलाकर OSM प्रणाली शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल दिशा में आगे बढ़ाने का कदम माना जा रहा है जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।