SC Refuses नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को लाडले मशक दरगाह में महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजा पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी। दरगाह प्रबंधन ने याचिका में कहा था कि दरगाह में पूजा करने से इसकी धार्मिक पहचान बदल जाएगी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा कि जब मामला कर्नाटक हाई कोर्ट में लंबित है तो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करना उचित नहीं है। दरगाह प्रबंधन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विभा दत्ता मखीजा ने कहा कि हाई कोर्ट ने पहले ही इस मामले में फैसला दे दिया है।
लाडले मशक दरगाह 14वीं सदी के सूफी संत हजरत शेख अलाउद्दीन अंसारी और 15वीं सदी के हिंदू संत राघव चैतन्य की समाधि है। दरगाह में राघव चैतन्य शिवलिंग भी है, जहां हिंदू पूजा करते हैं 2022 में दरगाह में पूजा के अधिकार को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद साम्प्रदायिक तनाव फैल गया था। 2025 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने 15 हिंदू भक्तों को दरगाह में पूजा करने की अनुमति दी थी।