NGT Clears नई दिल्ली:- राष्ट्रीय हरित न्यायालय (एनजीटी) ने ग्रेट निकोबार द्वीप पर मेगा-इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना को मंजूरी दे दी है जिसमें परियोजना के ‘रणनीतिक महत्व’ का हवाला दिया गया है। यह परियोजना 92,000 करोड़ रुपये की है और इसमें एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक टाउनशिप और एक पावर प्लांट शामिल है।
एनजीटी ने अपने फैसले में कहा कि परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं। न्यायालय ने यह भी कहा कि परियोजना का रणनीतिक महत्व है और यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इस परियोजना को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एकीकृत विकास निगम (एएनआईआईडीसीओ) द्वारा विकसित किया जा रहा है और यह भारत की मैरीटाइम विजन 2030 और अमृत काल विजन 2047 के तहत एक प्रमुख पहल है।
परियोजना के प्रमुख बिंदु:
– 92,000 करोड़ रुपये की परियोजना
– ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, टाउनशिप और पावर प्लांट शामिल
– 160 वर्ग किमी भूमि पर विकसित किया जाएगा
– 30 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा
– भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रणनीतिक महत्व
परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव:
– परियोजना के कारण जंगल की कटाई और विस्थापन हो सकता है
– समुद्री जीवन और पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव पड़ सकता है
– स्थानीय समुदायों के जीवन पर प्रभाव पड़ सकता है
एनजीटी का फैसला:
एनजीटी ने परियोजना को मंजूरी देते हुए कहा कि पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं। न्यायालय ने यह भी कहा कि परियोजना का रणनीतिक महत्व है और यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।