नई दिल्ली :- दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रिया कपूर और मंदिरा कपूर के बीच चल रहे मानहानि विवाद में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए समन जारी किया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को आपसी समझ से समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि विवाद को लंबा खींचने के बजाय मीडिएशन के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान तलाशना सभी के हित में होगा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दोनों पक्ष मीडिया या सार्वजनिक मंच पर एक दूसरे के खिलाफ कोई टिप्पणी न करें। अदालत का मानना है कि सार्वजनिक बयानबाजी से विवाद और अधिक जटिल हो सकता है तथा न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए अदालत ने संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने पर जोर दिया।
मामला कथित तौर पर आपसी आरोपों से जुड़ा है जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच कानूनी विवाद उत्पन्न हुआ। अदालत ने कहा कि मीडिएशन एक प्रभावी तरीका है जिससे बिना अनावश्यक तनाव के समाधान संभव हो सकता है। इस प्रक्रिया से न केवल समय की बचत होती है बल्कि रिश्तों में कटुता भी कम होती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह कदम न्यायिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि दोनों पक्ष सहयोग करते हैं तो विवाद का समाधान शीघ्र हो सकता है। फिलहाल सभी की नजर आगामी सुनवाई पर है जहां यह स्पष्ट होगा कि मीडिएशन प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।
इस घटनाक्रम ने यह संदेश दिया है कि अदालतें व्यक्तिगत विवादों में भी मर्यादा और जिम्मेदारी को सर्वोपरि मानती हैं और सभी पक्षों से संयमित आचरण की अपेक्षा करती हैं।