Industry leaders हैदराबाद:- फार्मा उद्योग के नेताओं ने कहा है कि पारंपरिक वित्तपोषण फार्मा नवाचार के लिए एक बड़ी बाधा है। बायोएशिया में आयोजित सीईओ कॉन्क्लेव में उद्योग नेताओं ने कहा कि फार्मा उद्योग को नवाचार की दिशा में बढ़ने के लिए पर्याप्त वित्तपोषण की आवश्यकता है सनोफी इंडिया और साउथ-ईस्ट एशिया के जीएम एरिक मैशन ने कहा कि फार्मा उद्योग को वॉल्यूम से वैल्यू-फॉक्स्ड स्ट्रैटेजी में शिफ्ट करने के लिए सरकार की ओर से पॉलिसी सपोर्ट और पहल की आवश्यकता है। लिली इंडिया के प्रेसिडेंट और जीएम विन्सलो टकर ने कहा कि भारत क्लीनिकल ट्रायल हब के रूप में उभर सकता है।
बायोकॉन बायोलॉगिक्स के एमडी और सीईओ श्रीहास तांबे ने कहा कि भारतीय फार्मा उद्योग को वैल्यू चेन में ऊपर उठने का समय है। डॉ. रेड्डी लैबोरेटरीज के को-चेयरमैन और एमडी जीवी प्रसाद ने कहा कि फार्मा नवाचार के लिए फंडिंग के नए तरीके खोजने होंगे फार्मा उद्योग के नेताओं ने कहा कि भारत में फार्मा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार को पॉलिसी सपोर्ट देना होगा। उद्योग नेताओं ने कहा कि फार्मा उद्योग को नवाचार की दिशा में बढ़ने के लिए पर्याप्त वित्तपोषण की आवश्यकता है।