Health update :- नई शोध में यह सामने आया है कि किडनी से जुड़ी बीमारियां केवल शरीर की कार्यप्रणाली तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि यह दिमागी सेहत को भी प्रभावित कर सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को लंबे समय से किडनी की समस्या रहती है उनमें याददाश्त कमजोर होना ध्यान में कमी आना और सोचने समझने की क्षमता पर असर पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार किडनी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का महत्वपूर्ण काम करती है। जब किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पाती तब शरीर में हानिकारक पदार्थ जमा होने लगते हैं जिनका असर मस्तिष्क पर भी पड़ सकता है। इससे मानसिक थकान उलझन और निर्णय लेने की क्षमता में गिरावट देखने को मिल सकती है।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों को नियमित जांच करानी चाहिए और यदि उन्हें भूलने की समस्या या मानसिक बदलाव महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते पहचान होने पर इलाज और देखभाल के जरिए स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि संतुलित आहार पर्याप्त पानी का सेवन नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने से किडनी और दिमाग दोनों की सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है। परिवार के सदस्यों को भी ऐसे मरीजों के व्यवहार में बदलाव पर ध्यान देना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके।
यह अध्ययन इस बात की याद दिलाता है कि शरीर के हर अंग का स्वास्थ्य आपस में जुड़ा होता है और किसी एक समस्या को हल्के में लेना भविष्य में बड़ी चुनौती बन सकता है। यदि किडनी स्वस्थ रहेगी तो मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहने की संभावना बढ़ जाती है।