Delhi bomb blast नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण ब्लास्ट की जांच में जुटी एजेंसियों को एक अहम सीसीटीवी फुटेज मिला है। यह फुटेज विस्फोट में इस्तेमाल हुई हुंडई आई20 (Hyundai i20) कार की पिछली कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विस्फोट से कुछ दिन पहले, 29 अक्टूबर को यह सफ़ेद रंग की आई20 कार हरियाणा के फरीदाबाद में एक प्रदूषण जाँच केंद्र पर देखी गई थी।
जाँच एजेंसियों के सूत्रों से पता चला है कि सीसीटीवी फुटेज में कार में तीन लोग सवार थे। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तीनों व्यक्ति कार से बाहर निकल रहे हैं और प्रदूषण नियंत्रण (PUC) जांच से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। यह घटना उस दिन हुई थी जब कथित तौर पर यह गाड़ी डॉ. उमर मोहम्मद नामक व्यक्ति को बेची गई थी जिसकी पहचान अब एक संदिग्ध आत्मघाती हमलावर के रूप में की जा रही है।
जांचकर्ताओं के लिए यह फुटेज इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विस्फोट से ठीक पहले कार के कब्जे और इस्तेमाल में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने में मदद करेगा। बताया जा रहा है कि कार के अंदर मौजूद तीन व्यक्तियों में से एक दाढ़ी वाला व्यक्ति तारिक हो सकता है जिसके नाम पर डॉ. उमर ने यह कार खरीदी थी। अधिकारियों के अनुसार आई20 कार ने विस्फोट से पहले कई बार हाथ बदले थे और हरियाणा के एक कार डीलर को भी हिरासत में लिया गया है ताकि कार की पूरी यात्रा का पता लगाया जा सके कि कैसे एक साधारण वाहन आतंकवाद का हथियार बन गया।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और NIA इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और 10 नवंबर को हुए विस्फोट के तार तलाश रही है, जिसमें अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है। यह नया सीसीटीवी फुटेज विस्फोट की साजिश और उसके पीछे के मॉड्यूल को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पुलिस सभी तीनों लोगों की पहचान करने के लिए तेजी से काम कर रही है और इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।