वाशिंगटन (अमेरिका):- डोनाल्ड जे. ट्रंप ने एक नई घोषणा पर हस्ताक्षर करते हुए अस्थायी आयात शुल्क लागू करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका में आने वाले कई उत्पादों पर अतिरिक्त कर लगाया जाएगा। यह कदम घरेलू उद्योगों को समर्थन देने और व्यापार संतुलन को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया बताया जा रहा है।
घोषणा के अनुसार यह अस्थायी व्यवस्था निर्धारित अवधि तक प्रभावी रहेगी और आयातित वस्तुओं पर दस प्रतिशत के अनुपात से शुल्क लिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और विदेशी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कदम का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ सकता है क्योंकि कई देश अमेरिकी बाजार पर निर्भर रहते हैं।
नीतिगत हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में उठाया गया है जबकि कुछ इसे संरक्षणवादी नीति के रूप में देख रहे हैं। व्यापार जगत के प्रतिनिधि संभावित प्रभावों का आकलन कर रहे हैं ताकि भविष्य की रणनीति तय की जा सके।
उद्योग संगठनों का कहना है कि अल्पकालिक अवधि में कीमतों में बदलाव संभव है क्योंकि आयात लागत बढ़ सकती है। वहीं सरकार का तर्क है कि लंबे समय में घरेलू रोजगार और उत्पादन क्षमता को लाभ मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार भी इस घोषणा पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि इससे व्यापारिक संबंधों की दिशा प्रभावित हो सकती है।
आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि यह नीति आर्थिक गतिविधियों पर किस प्रकार असर डालती है और क्या अन्य देश भी इसके जवाब में कोई कदम उठाते हैं। फिलहाल यह निर्णय वैश्विक व्यापार परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।