नई दिल्ली :- कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े बड़े सम्मेलन के दौरान विरोध प्रदर्शन को लेकर नई जानकारी सामने आई है जिसमें बताया गया कि प्रदर्शन की तैयारी पहले से की गई थी। जांच में संकेत मिले हैं कि प्रदर्शनकारियों ने शुरुआत में काले छातों पर संदेश चिपकाकर विरोध जताने की योजना बनाई थी ताकि अपनी बात अलग तरीके से रखी जा सके।
बताया जा रहा है कि परिस्थितियों को देखते हुए योजना में अचानक बदलाव किया गया और प्रदर्शन का तरीका बदल दिया गया। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी विरोध को संगठित रूप देने की कोशिश की गई थी। घटना के बाद जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर तैयारी और रणनीति की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि सम्मेलन स्थल पर सुरक्षा पहले से कड़ी थी और प्रवेश प्रक्रिया भी सख्त रखी गई थी। इसके बावजूद विरोध की योजना को अंजाम देने के प्रयास ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि योजना किस स्तर पर बनाई गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े आयोजनों में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा प्रबंधन के लिए चुनौती बन जाती हैं और भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए और सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि व्यवस्था बनी रहे।
घटना के बाद सम्मेलन सामान्य रूप से जारी रहा और आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम अपने तय उद्देश्य के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं जांच एजेंसियां पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रही हैं ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके।