जौनपुर (उत्तर प्रदेश):- जौनपुर जिले के चंदवक इलाके से गुजरने वाला वाराणसी आजमगढ़ मार्ग इन दिनों लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। खराब इंजीनियरिंग तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते पडसौरी से कनौरा तक करीब 12 किलोमीटर का हिस्सा एक्सीडेंट जोन बन गया है। बीते ढाई महीने के भीतर छह से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। फरवरी महीने में ही चार लोगों की जान चली गई जिससे इलाके में दहशत और नाराजगी का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण में कई स्तर पर लापरवाही बरती गई है। प्रतिदिन करीब 3500 से 4000 वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं लेकिन सड़क का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। महज दो लेन होने के कारण अक्सर जाम लगता है और उसी दौरान दुर्घटनाएं हो जाती हैं। घनी आबादी वाले बाजारों में चंदवक चौराहा खुज्जी तिराहा और मोढैला तिराहा जैसे स्थान सबसे ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि सड़क की चौड़ाई कम है किनारों पर सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं और कई जगहों पर गड्ढे भी बने हुए हैं जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।
हाल के दिनों में कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। 11 फरवरी को अहरौली गांव के पास कोटिया निवासी 60 वर्षीय अमरनाथ यादव अपने छह वर्षीय नाती के साथ घर लौट रहे थे तभी वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मोढैला के पास हाईवा और कार की टक्कर में आजमगढ़ रानी की सराय निवासी 35 वर्षीय गुड्डू यादव घायल हो गए। मोढैला नहर के पास ट्रेलर की टक्कर से विशाल दुबे का वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मूर्खा गांव में एक ट्रेलर घर में घुस गया जिससे दीवार और हैंडपंप टूट गए।
बीते कुछ दिनों में हुई घटनाओं ने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। 18 फरवरी 2026 को वाराणसी के आदमपुर निवासी जैद खान को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिनकी देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। 12 फरवरी को गोलौली गांव के पास ट्रेलर की चपेट में आने से देवगांव बैरीडीह निवासी आवेश कनौजिया की मौत हो गई। 9 फरवरी को मोढैला नहर के पास बरैछा बीर गांव निवासी 28 वर्षीय आकाश यादव की जान चली गई। 5 फरवरी को बरमलपुर गेट के पास साइकिल सवार 42 वर्षीय शिव प्रकाश की मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही मौतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने सड़क को जल्द चौड़ा करने स्पीड कंट्रोल उपाय लागू करने और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आगे भी ऐसे हादसे होते रहेंगे।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे 12 किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे कराया जाए और दुर्घटना रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से सुधार कार्य शुरू किया जाए ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके। फिलहाल इलाके में डर का माहौल है और लोग इस मार्ग से गुजरते समय बेहद सतर्क रहने को मजबूर हैं।