बच्चों के स्क्रीन टाइम पर सख्ती, बिहार सरकार लाएगी ऑनलाइन गेमिंग नियंत्रण कानून

पटना (बिहार):- बिहार सरकार बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन गेमिंग की लत को लेकर सख्त कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि जल्द ही इस मुद्दे पर नया कानून लाया जाएगा ताकि बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विधानसभा सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि लगातार बढ़ते मोबाइल उपयोग और ऑनलाइन गेमिंग के कारण बच्चों के व्यवहार और पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार एक व्यापक नीति तैयार कर रही है जो स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने और अभिभावकों को मार्गदर्शन देने पर केंद्रित होगी।

 

सरकार का मानना है कि डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग बच्चों में एकाग्रता की कमी नींद की समस्या और सामाजिक व्यवहार में बदलाव जैसी चुनौतियां पैदा कर रहा है। प्रस्तावित कानून के जरिए स्कूलों अभिभावकों और तकनीकी प्लेटफॉर्म्स के बीच समन्वय बनाकर बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करने की कोशिश होगी।

 

सूत्रों के अनुसार नीति में बच्चों के लिए समय सीमा तय करने जागरूकता अभियान चलाने और ऑनलाइन गेमिंग के जोखिमों के बारे में जानकारी देने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। साथ ही विशेषज्ञों की मदद से दिशानिर्देश तैयार किए जाएंगे ताकि बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।

 

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि इस पहल का उद्देश्य डिजिटल तकनीक पर रोक लगाना नहीं बल्कि संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना है। अभिभावकों से भी अपील की जाएगी कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करें।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कानून प्रभावी तरीके से लागू हुआ तो यह बच्चों में बढ़ती डिजिटल निर्भरता को कम करने में मददगार साबित हो सकता है और उन्हें पढ़ाई खेलकूद तथा सामाजिक गतिविधियों में अधिक समय देने के लिए प्रेरित करेगा।

 

आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है और सरकार जल्द ही इसके मसौदे को सार्वजनिक कर सकती है। राज्य में इस पहल को लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।

 

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